एक लोकतांत्रिक राज्य व्यवस्था को दो वर्गों में बाटा जा सकता है--राजशाही और गणतंत्र ! राजशाही व्यवस्था में राज्य का प्रमुख (आमतौर पर राजा या रानी ) उत्तराधिकारीता के माध्यम से पद पर आसीन होता है, जैसे कि ब्रिटेन में। वही गणतंत्र में राज्य प्रमुख हमेशा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से एक निश्चित समय के लिए चुनकर आता है , जैसे अमेरिका ।
इसलिए भारतीय सविंधान की प्रस्तावना में गणतंत्र का अर्थ यह है कि भारत का प्रमुख अर्थात राष्ट्रपति चुनाव के जरिये सत्ता में आता है । उसका चुनाव पांच वर्ष के लिए अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है ।
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गणतंत्र के अर्थ में दो ओर बाते शामिल है ।पहली यह कि राजनेतिक सम्प्रुभता किसी एक व्यक्ति जैसे राजा के हाथ मे होने की बजाये लोगो के हाथ मे होती है , और दूसरी , किसी भी विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग की अनुपस्थिति । इसलिए हर सार्वजनिक कार्यालय बगेर किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक के लिए खुला होगा ।
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