पैसा एक्ट क्या है ?

पैसा कानून के तहत आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सभी गतिविधियों का केंद्र बनाने की कोशिश की गई है ।आदिवासी बाहुल्य गांवों में कौन से विकास कार्य कराए जाने है, ओर प्राथमिकता क्या रहेंगी यह ग्राम सभा ही तय करेंगी । जैसे - 
* खनिजों का लायसेंस । वहां देने के लिए ग्राम सभा की सिफारिश लेना अनिवार्य है ।
* ग्राम बाजारो का प्रबंधन करने की शक्ति ।
* सामुदायिक वन प्रबंधन के तहत वनोपज सम्बंधी निर्णय लेना
* तेंदुपत्ता संग्रहण ओर विक्रय का काम ग्राम सभा करेंगी।
* शराब की दुकान खोलने के लिए ग्राम सभा की अनुमति लेनी होगी अनुमति के बिना नहीं खोल सकते ।तथा खदान के संचालन का निर्णय लेना ।
* आदिवासियों की भूमि पर किसी गैर आदिवासी ने कब्जा कर लिया है तो उसे वापस दिलाना ओऱ उसके लिए राजस्व विभाग भी कार्यवाही करता है ।
यह एक केंद्रीय कानून है, जो संविधान के 9 वें भाग में दिये गए आदिवासी उपबंधो में कुछ संशोधन के साथ विस्तारित करता है ओऱ जनजातीय जनसंख्या को स्वशासन प्रदान करता है । इस कारण इस अधिनियम का पूरा नाम पंचायत ( अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विस्तार ) अर्थात पैसा अधिनियम रखा गया है ।
यह अधिनियम आदिवासी क्षेत्रों को विशेष दर्जा प्रदान करता है ।

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