1 ) विधेयक पर अपनी स्वीकृति दे दे ।
2) विधेयक पर अपनी सहमति सुरक्षित रख ले
3) संसद में पुनर्विचार के लिए लोटा दे ।
Must read - राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति
अब पॉकेट वीटो या वीटो के मामले में राष्ट्रपति विधेयक पर न तो कोई सहमति देता है , न अस्वीकृत करता है, ओर न ही लौटाता है, किंतु एक अनिश्चित काल के लिये विधेयक को लंबित कर देता है । राष्ट्रपति को, किसी विधेयक को रोककर रखने की शक्ति ही " वीटो पावर " कहलाता है। राष्ट्रपति इस वीटो पावर का प्रयोग इस आधार पर करता है कि किसी विधेयक पर निर्णय देने के लिये कोई समय सीमा तय नहीं है । संविधान द्वारा प्रदत्त यह विषेशाधिकार राष्ट्रपति की शक्ति अद्वितीय है ।
किन्तु एक बात ओर है कि वीटो पावर का प्रयोग धन विधेयक पर लागू नहीं होता है ।
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