ग्राम न्यायालय का अर्थ

ग्राम न्यायालय अधिनियम 2008 को निचले स्तर पर यानि तृणमूल ( grassroots ) स्तर पर गरीबो एवं साधनहीन लोगों तक न्याय सुलभ कराना तथा गरीबो को उनके दरवाजे पर ही न्याय सुलभ हो सके इसलिये यह अधिनियम पारित किया गया,इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामाजिक, आर्थिक व अन्य किसी कारण से कोई नागरिक न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न हो सके ।

* ग्राम न्यायालय प्रत्येक पंचायत के लिये स्थापित किया जाएगा ।
* ग्राम न्यायालय एक चलित न्यायालय ( mobile court ) होगा ।
* ग्राम न्यायालय, दीवानी / फौजदारी दोनों प्रकार के मामले सुनेगा ।
इस अधिनियम के अंतर्गत 5000 ग्राम न्यायालयों की स्थापना का आदेश केंद्र सरकार द्वारा दिया गया है,
अतः हम यह कह सकते हैं ग्रामीण गरीब व साधनहीन लोगों तक न्याय पहुचाने के लिये सरकार का यह प्रयास सफल एवं प्रशंसनीय  है ।

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